सरल स्वभाव के लोग : इस तरह के स्वभाव वाले व्यक्ती
हर किसी की बात शांती से सुनते है। इस तरह के लोग बड़े ही
ज्ञानी होते है पर अगला व्यक्ति क्या कहेता है उसे द्यान से सुनते है।
किसी के साथ बात करते समय सामने वाले की बात को काटते
नही कहते है ज्यादा करके सामने वाले की बात की साथ जल्दी
सहमत हो जाते है । अगर सामने वाले की कोई बात ना भी पसंद
आए तभ भी उसे बातों में उस वक्त काटते नही है और उसका उत्तर
इस तरह देते है ताकि सामने वाले को बिल्कुल भूरा ना लगे।
दोस्तों ऐसे व्यक्ती की साथ हर व्यक्ती बात करना चाहता है।
अगर ऐसा व्यक्ती कुछ गलती भी कर देता है तो उनको सभी
लोग एक मित्र की तरह सलाह देते है और सहाय भी करते है
और स्वाभाविक है यही ज्ञान वह उनके बच्चो को भी सिखा
सकते है ताकि वह भी अपना जीवन सुख और चेन से जी सके
इसी लिए हमें हो सके तो अपना स्वभाव बदलना चाहिए
Friday, August 14, 2009
Thursday, August 13, 2009
अपने लोगो की इज्जत करो
हम सब मनुष्य है अपने सगे सब्न्दियों के साथ रहेते है।
हम अपने माँ बाप के साथ हमारे बाल बच्चों के साथ रहते
हैं हमें और हमारे दुसरे लोग जो हमारे साथ रहेते है उन्हें
एक सन्मान की जरुरत होती है प्यार की जरुरत होती है।
हर मनुष्य को कुछ ना कुछ चिंता होती है टेंशन होता है।
अकेले में जीवन जीना बहुत ही कठिन होता है ।
जिस तरह हमें हमारे घर वालों के प्यार की जरुरत होती है
उसी तरह घर के हर व्यक्ति को प्यार की जरुरत होती है।
जब हमारे साथ कोई अची तरह से बात करता है तो हमे
बहुत अच्छा लगता है। उसी तरह हमारा भी काम है की
दूसरो के लिए हम अच बोले।
कई लोग बातें कराने में जल्दबाजी करते है या उन्हें लगता
है की वह जो भी कुछ कह रहे है वह सही है और दुसरो को
शान्ति से सुनते नही है और उन्हें समजने का प्रयास ही
नही करते है। ऐसे व्यक्ति ना ख़ुद खुश रहे पाते है ना ही औरो
को कभी खुश रख पाते।
दोस्तों अगर हम थोड़ा सा संयम रखके बात करे और
सामने वाले की तारीफ करें तो हम ख़ुद भी आनंद में
रहे सकते है।
दोस्तों हमे अपनी बोली को मीठा बनाना चाहिए।
ऐसा इस लिए भी करना जरुरी है क्योंकि हमारे छोटे छोटे
बचे हमारी नक़ल करते है।
अगर हम सभी लोगो की तारीफ करेंगे मीठा बोलेंगे
तो हमारे लडके भी ऐसा ही करेंगे एंड हमारे साथ अच्छा बोलेंगे।
हम अपने माँ बाप के साथ हमारे बाल बच्चों के साथ रहते
हैं हमें और हमारे दुसरे लोग जो हमारे साथ रहेते है उन्हें
एक सन्मान की जरुरत होती है प्यार की जरुरत होती है।
हर मनुष्य को कुछ ना कुछ चिंता होती है टेंशन होता है।
अकेले में जीवन जीना बहुत ही कठिन होता है ।
जिस तरह हमें हमारे घर वालों के प्यार की जरुरत होती है
उसी तरह घर के हर व्यक्ति को प्यार की जरुरत होती है।
जब हमारे साथ कोई अची तरह से बात करता है तो हमे
बहुत अच्छा लगता है। उसी तरह हमारा भी काम है की
दूसरो के लिए हम अच बोले।
कई लोग बातें कराने में जल्दबाजी करते है या उन्हें लगता
है की वह जो भी कुछ कह रहे है वह सही है और दुसरो को
शान्ति से सुनते नही है और उन्हें समजने का प्रयास ही
नही करते है। ऐसे व्यक्ति ना ख़ुद खुश रहे पाते है ना ही औरो
को कभी खुश रख पाते।
दोस्तों अगर हम थोड़ा सा संयम रखके बात करे और
सामने वाले की तारीफ करें तो हम ख़ुद भी आनंद में
रहे सकते है।
दोस्तों हमे अपनी बोली को मीठा बनाना चाहिए।
ऐसा इस लिए भी करना जरुरी है क्योंकि हमारे छोटे छोटे
बचे हमारी नक़ल करते है।
अगर हम सभी लोगो की तारीफ करेंगे मीठा बोलेंगे
तो हमारे लडके भी ऐसा ही करेंगे एंड हमारे साथ अच्छा बोलेंगे।
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